
Chanakya safalta Sutra: आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और नीतिशास्त्र के मूर्धन्य विद्वान थे। उनके उत्कृष्ट सैद्धांतिक विचारों का अनुसरण समकालीन समय में भी अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक माना जाता है। आचार्य ने अपने नीतिशास्त्र में कई ऐसी सूक्ष्म बातें बताईं हैं जो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। ऐसे ही आचार्य ने विद्यार्थियों के लिए कुछ बहुत महत्वपूर्ण नीतिगत बातों का उल्लेख किया है जिनको आत्मसात् करने वाला विद्यार्थी बिना भटकाव के अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल होता है।
आज के आलेख में हम आपको आचार्य चाणक्य द्वारा विद्यार्थियों के लिए आत्मसात् करने योग्य 5 गुणों की चर्चा करेंगे जो उनके सफलता के मार्ग को प्रशस्त करने वाले मुख्य सोपान साबित होंगे।
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1- आलस्य का परित्याग करें:
2- समय का सदैव सदुपयोग करें:
3- अनुशासित बनें:
4- बुरे आचरण वाले लोगों से हमेशा बनाकर रखें दूरी:
5- काम भावना पर रखें नियंत्रण:
विशेष:
1- आलस्य का परित्याग करें:
आचार्य कहते हैं कि आलसी व्यक्ति से सफलता कोसों दूर रहती है। इसलिए विद्यार्थियों को हर हाल में आलस्य का परित्याग कर देना चाहिये। आलसी विद्यार्थी आलस की वजह से अपने जीवन में आए सफलता के अवसरों को खो देता है।
2- समय का सदैव सदुपयोग करें:
आचार्य कहते हैं कि समय हमारे जीवन में बहुत मूल्यवान है क्योंकि जो समय बीत जाएगा, वो फिर कभी लौटकर वापस नहीं आ सकता। अतः विद्यार्थियों को समय का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए और वो भी एक निश्चित रणनीति बनाकर। जो विद्यार्थी योजनाबद्ध तरीके से समय का सदुपयोग करते हैं, उनके जीवन में हताशा और निराशा का स्थान नहीं होता।
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3- अनुशासित बनें:
आचार्य के अनुसार अनुशासन विद्यार्थियों का ऐसा गुण है जो उन्हें छोटी बड़ी चीजों की अहमियत से रूबरू करवाता है। ऐसी सोच वाला विद्यार्थी निरंतर आगे बढ़ता है और अंतः कामयाबी हासिल कर लेता है।
4- बुरे आचरण वाले लोगों से हमेशा बनाकर रखें दूरी:
आचार्य कहते हैं कि विद्यार्थियों को किसी भी परिस्थिति में गलत लोगों के बीच नहीं उठना बैठना चाहिए। इसके विपरीत जो विद्यार्थी बुरी संगत में फंस जाते हैं, वो अपनी बर्बादी का रास्ता स्वयं चुनते हैं। याद रखें सफलता हमेशा सन्मार्ग के आधीन होती है।
5- काम भावना पर रखें नियंत्रण:
आचार्य के अनुसार विद्यार्थियों को काम भावना पर आवश्यक रूप से नियंत्रण रखना आना चाहिए। इसके अंतर्गत कई तरह के लोभ व लालच भी आते हैं। क्योंकि ये सभी चीजें विद्यार्थियों की एकाग्रता व शांति को भंग कर देती हैं जो विद्यार्थी जीवन के लिए बहुत आवश्यक है।
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विशेष:
Chanakya safalta Sutra: द्वारा विद्यार्थियों के लिए बताए गए ये नीति सूत्र बहुत उपयोगी और हर युग में प्रासंगिक है जिसका अनुपालन कर विद्यार्थी सफलता के नित नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।







